Over 96000 Unorganised Workers in Jammu Kashmir Enrolled Under PM Pension Scheme, जम्मू-कश्मीर में बढ़ी तेजी - shikshagyans.in

Over 96000 Unorganised Workers in Jammu Kashmir Enrolled Under PM Pension Scheme, जम्मू-कश्मीर में बढ़ी तेजी

Over 96,000 Unorganised Workers in Jammu Kashmir Enrolled Under PM Pension Scheme

जम्मू-कश्मीर में असंगठित क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र के 96,000 से अधिक श्रमिकों ने PM Shram Yogi Maandhan Yojana के तहत अपना ऑनलाइन पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। केंद्र सरकार द्वारा विशेष रूप से रेहड़ी-पटरी वालों, दिहाड़ी मजदूरों और छोटे कामगारों के लिए शुरू की गई इस कल्याणकारी पेंशन योजना के प्रति जम्मू-कश्मीर के लोगों में बढ़ता यह रुझान साफ दर्शाता है कि अब वहां का श्रमिक वर्ग भी बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुका है।

PM Shram Yogi Maandhan Yojana मुख्य विवरण

योजना का नामप्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM)
जम्मू-कश्मीर में पंजीकृत श्रमिक96,000 से अधिक कामगार
पात्र आयु सीमा18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच
60 वर्ष के बाद मासिक पेंशन₹3000 प्रति माह निश्चित राशि
आधिकारिक वेबसाइटmaandhan.in

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना क्या है और इसके लाभ

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है जो विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में आर्थिक संबल देने के लिए बनाई गई है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें श्रमिकों को अपनी उम्र के हिसाब से एक बेहद छोटी प्रीमियम राशि हर महीने जमा करनी होती है और ठीक उतनी ही बराबर की राशि भारत सरकार भी अपनी ओर से लाभार्थी के पेंशन खाते में जमा करती है। जब योजना से जुड़ा हुआ श्रमिक अपनी 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो सरकार द्वारा उसे जीवनभर ₹3000 की मासिक पेंशन सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है ताकि उसे किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े।

जम्मू-कश्मीर में इस पेंशन योजना की लोकप्रियता बढ़ने के मुख्य कारण

जम्मू-कश्मीर के सुदूर ग्रामीण और शहरी इलाकों में इस सामाजिक सुरक्षा योजना के प्रति लोगों का आकर्षण बहुत ही तेजी से बढ़ा है क्योंकि इससे पहले असंगठित कामगारों के पास बुढ़ापे के लिए कोई सरकारी सहारा नहीं होता था। राज्य प्रशासन द्वारा गांव-गांव में विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन करना और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन व पारदर्शी बनाना इसकी सफलता का सबसे बड़ा कारण रहा है। इस डिजिटल व्यवस्था के चलते अब स्थानीय दिहाड़ी मजदूरों, घरेलू कामगारों, निर्माण श्रमिकों और रिक्शा चालकों को किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं और उनका काम तुरंत हो रहा है।

इस सामाजिक सुरक्षा योजना में आवेदन करने की अनिवार्य पात्रता शर्तें

केंद्र सरकार ने इस योजना का लाभ पूरी तरह से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए कुछ बेहद जरूरी पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं। योजना में केवल वही श्रमिक ऑनलाइन आवेदन करने के पात्र हैं जो असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं और जिनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम है। इसके अतिरिक्त आवेदन करने वाले कामगार की उम्र 18 वर्ष से कम और 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, तथा वह पहले से भविष्य निधि (EPFO), राज्य कर्मचारी बीमा (ESIC) या किसी अन्य टैक्स के दायरे या सरकारी पेंशन योजना का हिस्सा नहीं होना चाहिए।

पेंशन प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया और प्रीमियम का गणित

इस योजना के तहत दी जाने वाली मासिक प्रीमियम की राशि पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि श्रमिक किस उम्र में इस योजना से जुड़ रहा है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई युवा कामगार 18 वर्ष की न्यूनतम आयु में इस पेंशन योजना का हिस्सा बनता है, तो उसे हर महीने मात्र ₹55 का प्रीमियम जमा करना होगा और इतनी ही राशि सरकार देगी, जबकि 40 वर्ष की आयु में जुड़ने वाले व्यक्ति के लिए यह प्रीमियम राशि ₹200) प्रति माह तय की गई है। साठ वर्ष की आयु तक निरंतर योगदान देने के बाद पेंशन स्वतः ही चालू हो जाती है, और यदि दुर्भाग्यवश पेंशनभोगी श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन के रूप में आधी राशि यानी ₹1500 प्रति माह दी जाती है।

ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण दस्तावेज

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के श्रमिक जो इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे अपने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने पास के किसी भी डिजिटल सेवा केंद्र पर जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आवेदक के पास एक वैध सरकारी पहचान पत्र, बचत बैंक खाता (Savings Bank Account) या जनधन खाता और एक सक्रिय मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों की मदद से सीएससी ऑपरेटर तुरंत आपके फॉर्म को पोर्टल पर सबमिट कर देता है, जिसके बाद आपके बैंक खाते से मासिक प्रीमियम की ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) सुविधा सक्रिय हो जाती है और आपका डिजिटल श्रम योगी पेंशन कार्ड तुरंत जारी कर दिया जाता है।

महत्वपूर्ण लिंक

विवरणसीधा लिंक
मुख्य आधिकारिक पेंशन पोर्टलmaandhan.in
श्रम और रोजगार मंत्रालय वेबसाइटlabour.gov.in

FAQs About PM Shram Yogi Maandhan Yojana

1. यदि कोई श्रमिक बीच में ही इस पेंशन योजना को बंद करना चाहे तो क्या उसका जमा पैसा वापस मिलेगा?

हाँ, यदि कोई लाभार्थी किसी कारणवश 60 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले इस योजना से बाहर निकलना चाहता है, तो उसके द्वारा जमा की गई पूरी राशि बैंक के संचयी ब्याज के साथ सरकारी नियमों के अनुसार सुरक्षित वापस कर दी जाती है।

2. क्या जम्मू-कश्मीर के बाहर के असंगठित श्रमिक भी इस योजना में पंजीकरण करा सकते हैं?

हाँ, यह भारत सरकार की एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक सुरक्षा योजना है, इसलिए देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का रहने वाला कोई भी पात्र असंगठित श्रमिक इस पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन आसानी से करा सकता है।

3. इस योजना के तहत मिलने वाली पेंशन राशि पर क्या कोई टैक्स देना पड़ता है?

नहीं, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत बुढ़ापे में मिलने वाली ₹3000 की मासिक पेंशन पूरी तरह से कर-मुक्त (Tax-Free) होती है क्योंकि यह समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए प्रदान की जाती है।

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